माँ की कच्छी निकाल कर चोदा – Maa ki Chudai Kahani

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Maa ki Chudai Kahani : दोस्तों पहले मे एक बात बता दु कि आपनी सगी माँ को चोदना कोई आसान काम नहीं है किसी के अंदर अपने माँ को चोदने का खायल भी नहीं आयेगा लेकिन मेरे हालात कुछ ऐसे थे |

कि मैने आपनी सगी माँ को चोद दिया ( में जिदंगी कि रियल घटना है तो मैं अपने काहानी पे आता हु)|दोस्तों मेरी माँ का नाम मालती है मेरी माँ बोहत सुंदर और आछे फिगर वाली मतलब उनकी body अच्छी है|

ऊभरी हूई गाड और पयारी पयारी चुची (छाती बुबस) है दोस्तों बात ऊस समय कि है जब हम गाँव में रहते थे तो पापा भी हमारे साथ रहते थे तो हमारी चाची से मम्मी की बनती नहीं थी|

रोज झगड़ा होता किसी ना किसी बात पे मम्मी भी खूब झगड़ा करती थी जब बोलना सुरू करती थी तो चुप ही नहीं होती थी चाची भी ऐसी थी दोस्तों मै बता दु कि मैंने अपनी चाची को चोदा है लंड बहुत लपक लपक लेती है|

पति की जुदाई में हॉट बेटे के संग रजाई में चुदाई – Maa ki Chudai Kahani

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मेरी चाची मैंने उनकी चुत और गाड दौनो मारी है बोहत बार|तो ईन दोनों के झगड़ो से परेशान होकर पापा ने एक दुसरी जमीन ली दुसरी जगह और वाहा पे घर बनवाया जब घर बन गया तो पुजा करवाईं घर कि |

वाहा हम रहने लगे कुछ दिन बिते तो पापा कमाने के लिए दुबई चले गये तो घर में ( मै और मम्मी बचे तो ऊस समय मुझे कोई चुत ना मिलने के कारण मुझे मुठ मारना पड़ता था|कयोकि चाची रोज चुत मरवाती थी मुझे उसकी आदत पड़गयी थी |

चाची चुदवाते वक़्त आआ आआ ईईई मेरी मम्मी को गाली देते हुऐ करती थी कहती थी चोद रनडी की औलाद आआ आआ ईईउऊऊ आआ आआ पेल गप गप आआ आआ ईईईईई ईईस ऊईईई आउउउ आआ आआ |

आममम मुझे भी बोहत मजा आता था|तो मेरे नये घर एक दिन मम्मी को बुखार हुआ रात मुझे बुलाई बोलीं कबल डाल दे मेरे ऊपर मुझे ठंड लग रही है मैंने भी यही किया फिर सुबह हुईं मै दवा लेके आया तो मम्मी ने दवा खाई |

जब आराम हुआ तो खाना बानाया हम दोनों ने खाया जब साम हुईं तो हम दोनों टहलने निकल गऐ फिर मम्मी बोली चलो दोड़ लगाते हैं मैंने बोला ठीक है मम्मी चलो हम दोनों दोड़ने लगे|

जब घर पहुंचे तो मैं रुक गया मम्मी दोड़ते दरवाजे तक पोहची और गिर गई ऊनके दोनों पैरों में चोट लग गई वो रोने लगी मैंने चुप करवाया मैंने कहा साड़ी ऊठा लो दवा लगा दु तो मम्मी ने जाग तक साड़ी ऊपर कर ली |

मैने देखा चिकनी और कोमल जांघ|फिर मैंने सोचा ये गलत है मम्मी है मेरे फिर मैने दवा लगाई तो मम्मी को अंदर ले गया जब हम खाना खा के सोये तो उस रात मम्मी कि तबेत जादा खाराब हो गई |

तो मैंने रात भर पटटी करी जिससे बुखार कम हो जाये सुबह हूई तो नासता बानाया और मम्मी से खाने को बोल वो मना करने लगी तो फिर हम दवा लेने गये तो दवा लि फिर घर आये|

फिर मम्मी जादा बिमार हो गई और कमजोर भी कुछ महीने बित गये तो मम्मी को खाना मै बना के देता था ऊनका कपड़ा भी धोता था तो मैं मम्मी कि कचछे में मुठ भी मारता था मम्मी को मै बाथरूम तक|

मै ले जाता था नाहाने, और हागने, मुताने के लिए कयोकि घर पे हामारे कौई औरत नहीं थी|जब साम हुई तो मैं मम्मी को छत पर ले गया और मम्मी से बोला मम्मी आप हवा लो मै आप कि दवा ले के आता हु तो मैं दवा लेने बाजार गया |

तो आचानक से बारीस होने लगी तो दवा लेने के बाद वाही रूक गया और जब बारिश बंद हूई तो मैं घर पोहचा तो देखा मम्मी फरस पर लेटी है तो ऊस ऊनकी साड़ी ऊपर कमर कि तरफ हो गई थी|

ऊनकी कोमल गाड पे लला रंग कि कचछी दिख रही थी तो मैंने उनेह सिधा किया और वो बेहोश थी तो उनके मुँह पर पानी डाला जब होस हुई तो कहरने लगी दर्द के कारण फिर जब मैने उठाया तो वो साये में थी |

उनकी साड़ी खुल के निचे गिर गई मै बेड पर ले गया और पुछा मम्मी कैसे हुआ तो रोते हुए बोली जब बारिश आई तब मै निचे उतरने लगी पैर फिसल गया|तब मैंने मम्मी की चोट देखी तो उनका पैर हलका हलका कई जगह से कट गया |

ऊनके हाथों में कमर में चुतड़ों पर छाती पर अनदुरोनी चोट लग गई थी फिर मै डाक्टर के पास गया और दवा ली और एक तेल दिआ मालिस करने के लिए तो ऊस रात मम्मी को दवा दि और हम दोनों सो गये|

जब सुबह हुई तो मुझे आवाज आई तो जग गया देखा तो 8 बज रहे हैं तो मम्मी के पास गया तो मम्मी बोली कब से बुला रही हु तु सुन नहीं राहा है फिर मै बोला बाताओ कया बात है मम्मी !! मम्मी बोली मुझे बाथरूम जाना है |

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