पापा के दोस्त की सेक्सी बेटी की चुदाई – Hindi Sex Story

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Hindi Sex Story : सबसे पहले आप सभी को चोदुओं और चुदक्कड़ लौंडियों को मेरा खड़े लंड का सलाम|दोस्तो, मैं अन्तर्वासना का एक पुराना पाठक हूँ और मेरा नाम नितिन है| मैं गुजरात से हूँ और प्राइवेट नौकरी करता हूँ|

मैंने आप सब लोगों की सेक्स कहानी पढ़ी हैं| कुछ कहानी हकीकत में सही लगती हैं और कुछ कल्पनाओं से भरी होती हैं, लेकिन सभी में मजा बहुत ज्यादा आता है|आप लोगों की कहानियां पढ़ कर मैंने सोचा कि मैं भी अपनी कहानी आप लोगों को बताऊं ताकि|

मेरे जो पुरुष और महिला मित्र हैं, वो मज़ा लें और अपने लंड और चूत का पानी निकाल दें| मेरी सेक्स कहानी पढ़ कर आप लोग मुझको मेल करके जरूर बताएं कि कहानी कैसी लगी|ये बात उस समय की है, जब मैं पढ़ रहा था|

उस समय मेरी आयु भरपूर जवानी की हो चुकी थी| उस समय इंटरनेट नहीं था इसलिए मैं उस समय सिनेमाघर में सेक्स वाली पिक्चरों को छुप कर देखा करता था| पिक्चर देखने के बाद मुझे चुदाई का मज़ा लेने का मन करने लगता तो मुठ मार कर लंड हिला लेता था|

नौकर का मोटा लंड देख वासना भड़क उठी – Hindi Sex Story

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उन दिनों मेरे साथ एक लड़की पढ़ती थी, उसका नाम पाखी था| वो मेरे पिता के दोस्त की बेटी थी, हम दोनों साथ में एक ही क्लास में पढ़ते थे| मैं उसके घर जाता रहता था|वो मेरी तरफ आकर्षित थी, उसका रंग गोरा था| वो भी जवानी की तरफ कदम रख रही थी|

उसका बदन बहुत ही मस्त था, उसकी चूचियां संतरे के आकार की थीं और गांड भी बहुत ही मस्त थी| जब चलती थी, तो उसकी मटकती गांड देख कर मेरा लंड मचल उठता था|वो भी मेरी नजरें देख कर समझ गई थी कि मैं उसको चोदने की सोचता हूँ|

उसको चोदने का मौका मुझको जल्दी ही मिल गया|हम लोगों के पेपर शुरू होने वाले थे तो उसने मुझको कहा कि उसका गणित कमजोर है, तो मैं उसकी घर पर आकर मदद कर दूँ|मैंने हां कर दी|मुझे समझ आ गया था कि ये वैसे तो पढ़ने में तेज है|

इसने आज तक कभी मुझसे ऐसी बात नहीं कही है| इसका मतलब है कि मेरी भी मुराद पूरी होने वाली है|अगले दिन ही मैं पाखी के घर चला गया| मैंने घर की बेल बजाई, तो पाखी ने दरवाज़ा खोला| उसने स्कर्ट और टॉप पहना हुआ था|

मुझको देख कर वो मुस्कुरा दी| आज वो बहुत ही मस्त लग रही थी|उसने अन्दर आने को कहा|मैंने पूछा,और कौन है घर में?वो बोली,कोई नहीं है … मैं अकेली हूँ| सब बाहर गए हैं, शाम तक ही वापस आएंगे|

पाखी के घर मैं उसके पापा, मम्मी, भाई भाभी और एक बड़ी बहन भी है| उसकी भाभी और बहन भी बहुत मस्त और कामुक दिखती हैं|पाखी मुझको अपने रूम में लेकर गई| उस दिन वो बहुत मस्त लग रही थी|

उसके टॉप में से उसके संतरे जैसे चुचे बहुत मस्त लग रहे थे और निप्पल भी अंगूर के दाने के बराबर थे| मेरा मन उनको दबा कर चूसने करने लगा|पाखी ने मुझसे चाय का पूछा, मैंने मना कर दिया| मैंने कहा कि तुमको क्या पूछना है |

गणित में, मैं बता देता हूँ| तुम अपनी बुक दे दो|उसने कहा,अभी दे दूंगी … अभी आज मेरा मन पढ़ने का नहीं है|मैंने कहा,फिर मुझको तुमने बुलाया किसलिए था?पाखी बोली,तुमसे मुझे कुछ दूसरा काम है … इसलिए बुलाया|मैंने पूछा,दूसरा काम क्या है, बताओ?

पाखी मेरे पास आई और मुझसे लिपट गई| उसने अपने लबों को मेरे लबों पर रख दिए और किस करने लगी| उसने मुझको कसके जकड़ रखा था| उसके चुचे मेरे सीने पर गड़े जा रहे थे|मैं भी पाखी को चूमने लगा| मेरा लंड भी खड़ा हो चुका था|

पाखी को भी मेरे खड़े लंड का अहसास हो चुका था| वो अपनी चुदासी चूत पर मेरे लंड का दवाब महसूस कर रही थी| हम एक दूसरे जोरदार तरीके से चूम रहे थे|मैंने पाखी की एक चूची को दबाना शुरू कर दिया और अपने दूसरे हाथ से उसकी गांड को दबाने लगा|

पाखी को भी मज़ा आ रहा था| वो आहें भरने लगी थी|पाखी गर्म हो चुकी थी| मैं समझ गया था कि वो चुदना चाहती है|मैंने पाखी से पूछा,तुम्हारे परिवार वाले सब गए, तुम उनके साथ क्यों नहीं गईं?दोस्तो, पाखी ने जो बताया|

उसे सुन कर मेरा लंड पैंट फाड़ बाहर आने को बेताब होने लगा|पाखी बोली,कल रात को मैं सोने जा रही थी, तो मैंनेँ अपने भैया के कमरे से कुछ आवाजें सुनी थीं| मैं कमरे के दरवाजे के पास गई, तो अन्दर से चुदाई की आवाजें आ रही थीं|

मैंने देखना चाहा कि अन्दर क्या हो रहा है, तो मैं पास में रखी एक टेबल पर चढ़ गई और दरवाजे के ऊपर की खिड़की से झांक कर देखा| अन्दर का नजारा देख कर तो मेरे होश ही उड़ गए थे| मेरा भाई, मेरी भाभी की जोरदार तरीके से चुदाई कर रहा था|

भाभी भी मस्त होकर चुदाई का मज़ा ले रही थी|मैंने पाखी की बातों का रस लेते हुए उससे पूछा,फिर क्या हुआ?सीमा,भाभी जोर जोर से बोल रही थी कि चोदो राजा … जोर जोर से चोदो … फाड़ दो मेरी चूत, भोसड़ा बना दो|

मेरी चूत का … इस तरह से भाभी आह्ह्ह उईईईई आह्ह्ह कर रही थी| भाई का लंड भी भाभी की चूत में तेज़ी से अन्दर बाहर हो रहा था| भाभी भी गांड उछाल उछाल कर मज़ा ले रही थी|मैंने पाखी की चूची दबाते हुए पूछा,और क्या हो रहा था?

छिनाल रंडी की चुत रात भर बजाई – Hindi Sex Story

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पाखी बोली,भाई ने भाभी को दो बार चोदा था, यार उन दोनों की चुदाई देख कर मैं गर्म हो गई थी| मेरी भी चूत गर्म हो गई थी और पानी छोड़ने लगी थी| उस रात मैंने चूत में उंगली डाल कर दो बार पानी निकाला था|पाखी की चुदाई की बातें सुन कर मैं और जोश में आ गया|

मैं पाखी को पागलों की तरह चूमने लगा| वो भी मुझको चूमने लगी|मैंने पाखी के कपड़े उतारने शुरू कर दिए| अब वो सिर्फ ब्रा पैंटी में थी| उसने लाल रंग की ब्रा और पैंटी पहनी हुई थी|दोस्तो, मैंने सेक्स वाली पिक्चर में ही ऐसा देखा था, पर यह सब मेरे साथ हकीकत में हो रहा था|

पाखी को मैंने बेड पर लेटाकर उसके पूरे बदन को चूमना शुरू कर दिया| क्या संगमरमर की तरह गोरा बदन था| उसकी लाल ब्रा को खोल कर मैं उसके मम्मों को चूसने लगा| पाखी मस्त हुए जा रही थी और मेरा पूरा साथ दे रही थी|

पाखी के मुँह से कामुक आवाज़ निकल रही थी| मैं उसकी नाभि और जाघों को चूम और चाट रहा था| मैं पैंटी के ऊपर से ही उसकी चूत को चूमने लगा|पाखी उछलने लगी और ‘आह आह आह अह्ह्ह उफ्फ्फ …’ करने लगी| अब मैं पाखी की चूत को देखना चाहता था|

मैंने पैंटी निकाल दी| उसकी मुलायम और नर्म चूत देख कर मैं दंग रह गया| मैंने अब तक गंदी फिल्मों में ही चूत देखी थी| उसकी चूत एकदम चिकनी और बिना बालों की थी| उसकी चुत से बहुत ही मदहोश करने वाली खुशबू आ रही थी … और चूत से रस भी निकल रहा था|

पाखी की चूत पावरोटी की तरह फूली और मोटी थी| मैंने झुकते हुए चूत को चाटना चालू कर दिया|चुत पर मेरी जीभ का अहसास पाते ही पाखी भी मस्त होकर आहें भरने लगी| वो मस्ती में बोल रही थी,आह्ह्ह्ह … चाट लो मेरी चूत … खा जाओ |

चूत को … आआह्ह्ह उफ्फ … हाय हाय उफ्फ!पाखी गांड उछाल उछाल कर अपनी चूत चटवा रही थी| उसने मेरा सर पकड़ रखा था और मैं चूत को अपनी जीभ से चोद रहा था| अपनी पूरी जीभ मैंने चूत के अन्दर डाल रखी थी|

कुछ ही देर में पाखी का बदन अकड़ने लगा|पाखी बोली,आह … मैं झड़ने वाली हूँ|मैं ये सुनकर भी नहीं हटा और जोर से पाखी की चूत के लाल दाने को भी चाटने लगा था|तभी पाखी फिर से बोली,आह … मेरा पानी छूट रहा है|

अगले ही पल पाखी की चूत ने अपना पानी छोड़ दिया| मैं अब भी चूत को चाट रहा था| पाखी निढाल होकर पड़ी थी और सिसकारियां ले रही थी|मैंने पहली बार चूत का नमकीन पानी का स्वाद चखा था| मुझे बड़ा मस्त लग रहा था|

इसलिए मैंने लगातार चुत को चाटा और उसको एकदम साफ़ कर दिया|अब तक मैंने अपने कपड़े नहीं उतारे थे| मैंने पाखी से कहा,तुम मुझको भी नंगा कर दो|उसने मेरे कपड़े निकालना शुरू कर दिए| कुछ ही देर में मैं सिर्फ चड्डी में रह गया था|

मेरा लंड चड्डी में टेंट की तरह तना हुआ था|पाखी चड्डी के ऊपर से ही लंड को चूमने लगी और सहलाने लगी|मैंने लंड को बाहर निकालने को कहा, तो उसने मेरी चड्डी उतार दी| जैसे साँप बिल से बाहर आता है, वैसे ही मेरा लंड भी चड्डी से बाहर आ गया|

मेरा 8 इंच का लंड गुलाबी सुपारा देख कर पाखी खुश हो गई| वो बोली,आह तुम्हारा लंड तो बहुत बड़ा और मोटा है|मेरे लंड को हाथ में लेकर पाखी उसको सहलाने लगी| पाखी ने मुझको बेड पर लेटा दिया और वो भी बेड पर मेरे ऊपर आ गई|

सीधा खड़ा हुआ लंड उसके सामने था| पाखी ने लंड को अपने मुँह में ले लिया और चूसने लगी| वो मस्ती से लंड को चूस रही ही थी| मेरे अंडकोष को भी मुँह ले रही थी| अब कमरे में मेरी और पाखी की कामुक आवाजें गूंज रही थीं| पाखी मजे ले लेकर लंड चूस रही थी|

मैं ब्लू फिल्म के हीरो की तरह अपना लंड चुसवा रहा था| मैंने पाखी से कहा,आह और जोर से लंड को चूसो … जोर जोर चूसना शुरू कर दे, मेरा माल निकलने वाला है|पाखी बोलने लगी,राज मुझको लंड का माल पीना है … प्लीज़ जल्दी से मेरे मुँह में अपना माल गिरा दो|

मैं बेड पर खड़ा हो गया और पाखी को मुँह खोलने को कहा| मैं लंड को पाखी के मुँह के पास लाया और अपने हाथ से मुठ मारनी चालू कर दी| दो मिनट के बाद मेरे मुँह से आह की आवाज़ निकली |

इसी के साथ मेरे लंड से जोरदार पिचकारी की तरह मेरा माल पाखी के मुँह के अन्दर गिरने लगा,लंड का माल गर्म और गाढ़ा, सफेद रंग का था| मेरे लंड से लगातार माल गिर रहा था| पाखी का मुँह माल से पूरा भर गया था|

कुछ माल उसके मम्मों पर गिर गया, जिसे पाखी ने मलना शुरू कर दिया| वो मेरा पूरा माल पी गई| उसे मेरे माल का स्वाद बहुत अच्छा लगा|फिर उसने मेरे लंड को हाथ में ले लिया और सुपारे पर अपनी जीभ फेरने लगी|

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